अंधी, अपंग व दुर्घटनाग्रस्त ग्रौमाताओं की सेवा निमित्त श्रीमद्भागवत कथा का माखनभोग में हो रहा आयोजन


- संशय व असमंजस दूर करें और जीवन में नियम जरूर अपनाएं : श्रीसुखदेवजी महाराज
- शनिवार को मनाएंगे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, बधाई पद की होगी प्रस्तुति
बीकानेर , 4 अप्रैल । पूगल रोड स्थित माखन भोग में बहुत ही उत्साह के साथ श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हो रहा है। विभिन्न प्रसंगों के अनुरूप सजीव झांकियों का भी मंचन किया जा रहा है। विशेष बात यह है कि यह कथा अंधी, अपंग व दुर्घटनाग्रस्त गौमाताओं की सेवा के निमित्त संत श्री सुखदेवजी महाराज द्वारा की जा रही है। श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिवस भगवान सुखदेवजी व परीक्षितजी का संवाद हुआ। भगवान सुखदेवजी ने भागवत् में सृष्टि कैसे उत्पन्न हुई तथा ब्रह्माजी के उत्पन्न होने की कथा सुनाई। इसके साथ ही कपिलमुनिजी का अवतरण होने तथा देहुतिजी को ब्रह्मज्ञान का प्रसंग सुनाया गया।



कथा वाचन करते हुए संत श्रीसुखदेवजी महाराज ने कहा कि हमें अपनी निर्णय क्षमता को मजबूत रखना चाहिए। कभी भी कोई संशय दूर करना हो अथवा असमंजस की स्थिति में हों तो परिवार में अपनों से बड़े अथवा गुरु-संतों से सलाह लें। संशय की निवृत्ति जरूर करें, अभिमान का त्याग करें और मार्गदर्शन प्राप्त करने में संकोच न करें। श्रीसुखदेव महाराज ने कहा कि बोली एक अनमोल खजाना है, उस खजाने को देखकर कोई मोहित हो जाता है तो कोई भाग जाता है। उन्होंने कहा कि जीवन में नियम होना बहुत जरूरी हैं, बगैर नीति-नियम के जीवन आधा-अधूरा होता है। जीवन में गहन चिंतन करें तथा मनमर्जी से नहीं चलना चाहिए। इस मनुष्य जीवन में हम कहां भूल कर बैठे हैं इस पर चिंतन करना चाहिए।


श्रीसुखदेव महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनना ही नहीं बल्कि कथा के प्रसंगों को हमें अपने जीवन में उतारना चाहिए। भगवान का भजन, परमार्थ, गौसेवा, तीर्थ यात्रा जाना है। ये कार्य आत्मा के हैं और अपनी आत्मा की आवाज को सुनकर सद्मार्ग पर चलें। श्रीमद्भागवत कथा में श्रीश्री 1008 कोडमदेसर व रामधाम रोड़ा महन्त श्री भंवरदास महाराज ने भी उद्बोधन दिया। आयोजन से जुड़े घनश्याम रामावत ने बताया कि शुक्रवार को कथा में यजमान भैरुरतन शर्मा ने पौथी पूजन किया तथा रामदास वैष्णव रोड़ा, रामचंद्र रामावत कोडमदेसर, भाजपा देहात अध्यक्ष श्याम पंचारिया, साध्वी सुशीला बाईसा भादला, राजवर्धनसिंह राजपुरोहित, द्वारकाप्रसाद राठी, पं. राधेश्याम शास्त्री आरती में शामिल रहे। रामावत ने बताया कि शनिवार को श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस नृसिंह अवतार, वामन अवतार एवं श्रीकृष्ण जन्म होगा। कथा के बाद लगभग एक घंटे का विशेष कार्यक्रम में होगा जिसमें श्रीकृष्ण के जन्म पर बधाई पद गाये जाएंगे।