कन्हैयालाल फलोदिया समर्पित कर्मठ कार्यकर्ता थे

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गंगाशहर , 19 जून। गंगाशहर तेरापंथ न्यास भवन के न्यासी व तेरापंथ समाज के कर्मठ कार्यकर्ता कन्हैयालाल फलोदिया की स्मृति सभा का आयोजन साध्वी श्री चरितार्थ प्रभा जी एवं प्रांजल प्रभा जी के सानिध्य में शांतिनिकेतन के प्रांगण में प्रवचन के समय संपन्न हुआ |

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इस अवसर पर साध्वी श्री प्रांजल प्रभा जी ने कहा कि जीवन रूपी नदी के दो छोर है एक जन्म और दूसरा छोर मृत्यु है, दोनों के बीच का समय जीवन है| जीवन को कैसा जीना है यह व्यक्ति पर निर्भर है| जीवन को सार्थक बनाने के लिए नैतिक प्रामाणिक एवं चरित्रवान् जीवन जीना आवश्यक है| लोग मृत्यु के बाद तभी याद करते हैं जब उन्होंने समाज के लिए कुछ किया हो| कन्हैया लाल जी फलोदिया ने अपना महत्वपूर्ण समय समाज के लिए दिया|

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जैन लूणकरण छाजेड़ ने कहा कि कन्हैया लाल फलोदिया तेरापंथ धर्मसंघ के समर्पित श्रावक थे| उन्हें जैन दर्शन तत्व का ज्ञान था| छाजेड़ ने कहा की 1997 , 2000 व 2007 में जब -जब पुज्यवरों के प्रवास हुए फलोदिया जी ने बहुत सक्रियता व कर्मठता के साथ व्यवस्थाएं संभाली। तेरापंथ भवन के निर्माण का कार्य हो या संघ का कोई भी कार्य हो सदैव बढ़ चढ़कर दायित्व निभाया।

अमरचंद सोनी ने आचार्य महाश्रमण जी से प्राप्त संदेशों का वाचन किया तथा कहा कि वो हमेशा तेरापंथी सभा को महत्व प्रदान करते थे | उनका या तकिया कलाम था कि सभा सब संस्थाओं में सर्वोच्च होती है। तेरापंथ सभा के कोषाध्यक्ष रतन छल्लाणी ने कहा कि उनके मृत्यु से समाज को बहुत बड़ी क्षति हुई है उन्होंने समाज एवं परिवार में अभिभावक की भूमिका निभाई | स्मृति सभा में महिला मंडल की मंत्री श्रीमती मीनाक्षी अंचलिया, तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष महावीर फलोदिया, धर्मचंद भंसाली आदि ने अपने विचार व्यक्त किये । गंगाशहर तेरापंथ न्यास के चीफ ट्रस्टी टोडरमल लालाणी का भी शोक सन्देश प्राप्त हुआ जो उनके परिजनों को घर जाकर सौंपा। कार्यक्रम का संचालन सभा के मंत्री जतनलाल संचेती ने किया।

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