राजस्थान की BJP सरकार ने दिया एक और झटका अब OPS बंद, NPS लागू, गहलोत सरकार के फैसले को पलटा

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जयपुर , 24 जनवरी। राजस्थान में सत्ता परिवर्तन के बाद अशोक गहलोत की योजनाएं बंद हो रही है। भजनलाल सरकार ने पहली नियुक्ति में ही कर्मचारियों पर एनपीएस लागू कर दिया है। आदेश मेंओपीएस का कहीं जिक्र नहीं है। मतलब साफ है कि राजस्थान में पुरानी पेंशन योजना लागू नहीं होगी। हालांकि, ओपीएस के बारे में वित्त मंत्री दीया कुमारी ही सरकार का दृष्टिकोण साफ करेगी।

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विधानसभा मेंआज जवाब दे सकती है। बता दें बीजेपी एनपीएस के पक्ष मेंरही है। 25 अभ्यर्थियों की सूची जारी की है उस में एनपीएस का जिक्र है। ओपीएस का नहीं। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में विधानसभा चुनाव के दौरान सरकारी कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन स्कीम लागू रखने का मुद्दा सबसे ज्यादा गर्माया था। राजस्थान की पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने नई पेंशन स्कीम की जगह ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की थी, लेकिन भाजपा के भजनलाल शर्मा सरकार ने नवनियुक्त कार्मिकों के लिए ओपीएस के बजाय दोबारा एनपीएस लागू करने का आदेश जारी किया है।

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राजस्थान में कांग्रेस की गहलोत सरकार जाने के बाद सत्ता पर काबिज नई बीजेपी सरकार पुरानी योजनाएं बंद कर जनता को एक के बाद एक झटके दे रही है। बीजेपी सरकार ने ओपीएस बंद कर दिया है। सरकार ने कर्मचारियों पर एनपीएस लागू कर दिया है। में आदेश में कहीं भी ओपीएस का का जिक्र नहीं है। इसका मतलब यह है कि राजस्थान में पुरानी पेंशन योजना लागू नहीं होगी।

हालांकि, ओपीएस को लेकर राज्य सरकार अपना दृष्टिकोण साफ करेगी। खबरों के मुताबिक, राज्य सरकार इस पर आज विधानसभा में आज जवाब दे सकती है। बीजेपी एनपीएस के पक्ष में रही है। 25 अभ्यर्थियों की सूची जारी की है, उसमें एनपीएस का जिक्र है। ओपीएस का जिक्र नहीं है।

हाल ही में हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन स्कीम लागू रखने का मुद्दा खूब गर्माया था। तत्कालीन गहलोत सरकार ने नई पेंशन स्कीम की जगह पुरानी पेंशन स्कीम लागू की थी। लेकिन मौजूदा बीजेपी सरकार ने नवनियुक्त कार्मिकों के लिए ओपीएस के बजाय दोबारा एनपीएस लागू करने का आदेश जारी किया है।

दरअसल राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी के पद पर चयनित 25 अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई है। इसमें नियुक्तियां की शर्तों में अंशुदायी पेंशन योजना लागू करने का जिक्र है। इसे लेकर राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) ने सवाल खड़े किए हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष महावीर सिहाग ने कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले को किसी भी कीमत माना नहीं जाएगा और इसका हम विरोध करेंगे।

कर्मचारियों नेसरकार की खिलाफत करने का  ऐलान किया

राजस्थान सरकार ने कृषि विभाग की ओर से 22 जनवरी को जारी सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी (रसायन) के 25 कार्मिकों की नियुक्ति आदेश जारी किए, जिसमें लिखा है कि इन कर्मचारियों को अंशदायी पेंशन योजना वित्त विभाग के परिपत्र 29 जनवरी 2004 और 13 मार्च 2006 के अनुसार लागू होगी। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग में 25 कार्मिकों के नियुक्ति आदेश में 2004 के परिपत्रानुसार नई पेंशन स्कीम लागू करने के आदेश जारी किए गए हैं। जिसे कार्मिक अस्वीकार करते हैं। उन्होंने शिक्षक और कर्मचारी समुदाय का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार के इस फैसले के खिलाफ संघर्ष किया जाएगा. इस संघर्ष मेंअपने आहुति देने के लिए तैयार रहें।

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