लोगस सुत्र ज्ञान प्रतियोगिता के प्रतिभागियों का किया बहुमान

shreecreates

बीकानेर, 13 नवम्बर। रांगड़ी चैक में तपागच्छीय पौषधशाला में गच्छाधिपति नित्यानंद सुरीश्वरजी के शिष्यरत्न मुनि पुष्पेन्द्र म सा व प्रखर प्रवचनकार मुनि श्रुतानंद महाराज साहेब के सान्निध्य में चल रहे चार्तुमास मे सुबह प्रवचन व दोपहर में विमलनाथ भगवान का जाप किया गया।
आत्मानंद जैन सभा चातुर्मास समिति के शांतिलाल हनुजी कोचर व सुरेन्द्र बद्धानी के अनुसार चातुर्मास आयोजन अब अपने अंतिम दिवस पर आ गया है।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl
DIGITAL MARKETING

इस अवसर पर जैन मुनियों के सान्निध्य में आयोजन समिति की विनोद देवी, कुसुम देवी, प्रभा देवी द्वारा विजेताओं का बहुमान किया गया।लोगस प्रतियोगिताओं की वर्षा खजांची, शारदा डागा, खुशबू मालू, वर्ष खजांची, अनिता कोचर, जयश्री कोचर, आदर गोलछा, डिंपल चैरडिया, कुसुम कोचर, पिंकी कोचर, रश्मि सिपानी, गुणवती कोचर, संता गुलगुलिया, प्रिया खजांची, बबीता कोचर, जयश्री लोढ़ा, कुसुमलता चैरडिया, सरोज कोचर, लता जीतू कोचर, मधु कोचर, नीतू कोचर, समझे बेद, पूर्णिमा बांठिया, चंदा बोथरा, जतन बाई कोचर, सरोज सुनील कोचर, नीति कोचर, सोनम स्वप्निल कोचर, ललिता कोचर, ललिता नेमचंद कोचर, चंद्रकला सिपानी, शांति देवी बांठिया, सुमन मनोज कोचर, सुनीता विमल चंद कोचर, विजयश्री कोचर सहित सभी प्रतिभागीयों को प्रमाण पत्र तथा सम्मान राशि के साथ बहुमान किया।

pop ronak

भाषाई शुद्ध तथा विशिष्ट कला से निर्मित लोगस मंत्र के प्रतिभागीयों को स्वर्ण मुद्रिका तथा प्रमाण पत्र के साथ बहुमान किया गया तथा जैन मुनियों की व्यावचकर्ता सुनील का बहुमान किया गया तथा अंत में सामूहिक रूप से नवकार मंत्र और लोगस मंत्र बोला गया। बहुमान से पूर्व पुष्पेंद्र महाराज सा द्वारा नमो अरिहंताण नवकार मंत्र, गुरुवंदन भजन व मंगलाचरण से प्रवचन की शुरूआत की। प्रखर प्रवचनकार श्रृतानंद महाराज ने जैन शास्त्रोक्त विभिन्न तथ्यों से श्रावक श्राविकाओं को प्रवचन सुनाए।

सुरेन्द्र बद्धानी अनुसार कल 15 नवम्बर कार्तिक पुर्णिमा के अवसर पर चातुर्मास आयोजन अपने पुर्ण सोपान पर होगा जिसके तहत दोहपहर के अवसर पर चातुर्मास परिर्वतन का आयोजन समिति के अध्यक्ष शांतिलाल सेठिया के निवास स्थान पर होगा। चातुर्मास परिवर्तन के अगले दिन सुबह 7 बजे शांतिलाल हनुजी कोचर के निवास स्थान पर भक्ति पाठ तथा नवकारसी का विशेष आयोजन होगा। इसके अतिरिक्त मुनिजनों के पुनः विहार लौटने से पूर्व 16 नवंबर को प्रभादेवी भंवरलाल शांति लाल कोचर के निवास पर स्थिरता रहेगी, 17 नवंबर को निवास श्राविका नीलम सिपानी के स्थान पर रहेगा।

अजय बैद ने बताया कि रांगड़ी चैक पौषधशाला में चातुर्मासीय आयोजन का आज अंतिम दिवस होगा जिसमे मुनिजनों के आर्शीवचन के साथ चार माह के चातुर्मास आयोजन की ओडिया – वीडियों से निर्मित विशेष झलकीयाँ बड़ी स्क्रीन लगा कर दिखाई जायेगी तथा विशिष्टजन का बहुमान किया जायेगा। आज की संघ का पूजा का लाभ ओसवाल साॅप परिवार, जयपुर द्वारा लिया गया।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *