पर्यावरण दिवस पर संगोष्ठी तथा पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन

shreecreates

बीकानेर , 5 जून। राजकोय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय बोकानेर में राष्ट्रीय सेवा योजना, इको क्लब एवं भूगोल विभाग के संयुक्ततत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस पर संगोष्ठी तथा पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

CONGRATULATIONS CA CHANDANI
indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

संगोष्ठी का विषय – भूमि बहाली, मरुस्थिकरण, सूखे से निपटना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत में भूगोल के विभागाध्यक्ष डा. राजेश कसवां ने पर्यावरण दिवस की महत्ता एवं इसके आयोजन करने के कारणों को विस्तार से बताया ।डॉ कस्वा ने छात्राओं को जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, ग्रीन हाउस प्रभाव ,कार्बन उत्सर्जन आदि के बारे में विस्तार से बताया ।

pop ronak

भूगोल संकाय की छात्रा तनु राठौर, नविता चौधरी, खुशी, मनस्वी, लेखिका, मोनिका, संध्या कंवर ने पर्यावरण विषय पर अपने विचार रखे। एनएनएस प्रथम इकाई कार्यक्रम अधिकारी डा विनोद कुमारी ने राज्य सरकार द्वारा चलाए गए परिण्डा अभियान के बारे मे महाविद्यालय की छात्राओं को अवगत कराया एवं उनसे अपील की अपने महाविद्यालय,घर और घर के नजदीक से पार्कों में पालसिया रखें एवं वृक्षारोपण कर पर्यावरण को संरक्षित करें ।

पर्यावरण सरंक्षण के माध्यम से इकोसिस्टम में बदलाव ला कर जागरूक नागरिक होने के नाते पर्यावरण को बचाने में अपनी सहभागिता निभा सकते है। इको क्लब सदस्य डॉ सीमा व्यास ने भी अपने विचार रखे और बताया कि कैसे कॉलोनी मे पौधारोपण के माध्यम से हम अपने चारो और के तापमान को कम कर सकते है। वंशिका भाटी ने चार्ट के माध्यम से पर्यावरण सरंक्षण का संदेश दिया ।

महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर नंदिता सिंघवी ने पर्यावरण दिवस पर अपने विचार रखे और बताया कि ऋग्वेद के अनुसार पृथ्वी माता – पिता और इसकी गोद में बालक बैठा है वो मानव है। पेड़ पोंधे की एक भाषा होती है और वह मानव से संवाद करते है। प्रकृति प्रेमी पेड़ पौधों के बीच रहकर आनंदित महसूस करते हैं। डा नंदिता सिंघवी ने बताय की हमे संतुलित रूप से पर्यावरण का उपयोग करना है। पर्यावरण सरंक्षण की शुरुआत हम अपने घर से करे। ऋग्वेद के अनुसार जहां हरियाली नहीं होती वहां नकाराकतमा आती है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों, रेजरिंग की छात्रों एवं महाविद्यालय की विज्ञान, कला एवं कामर्स की अन्य छात्राओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई । कार्यक्रम में डॉ हिमांशु कांडपाल, डॉ रविशंकर व्यास, डॉ ऋचा मेहता एवं समस्त संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *