विश्व हृदय दिवस पर पीबीएम में हृदय रोग से बचाव हेतु जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

विश्व हृदय दिवस पर पीबीएम में हृदय रोग से बचाव हेतु जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
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डॉ. पिंटू नाहटा ने बताएं टिप्स

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बीकानेर, 29 सितम्बर।विश्व हृदय दिवस पर सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हल्दीराम हार्ट हॉस्पिटल में हृदय रोगीयों के लिए एक जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। हृदय रोग विभाग के विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ आचार्य डॉ. पिंटू नाहटा ने बताया कि वर्ष 2023 की वर्ड हार्ट डे की थीम Use Heart Know Heart है।

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कार्यक्रम के दौरान डॉ. नाहटा ने हृदय रोगीयों एवं उनके परिजनों को संबोंधित करते हुए हृदय रोगीयों को नियमित रूप से योग एवं प्राणायाम को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का सुझाव दिया, इसी के साथ बताया कि हार्ट रोगीयों को संतुलित आहार का उपयोग करना चाहिए जिसमें जंकफुड शामिल नहीं हो, उचित कैलोरी ओर प्रोटीन युक्त भोजन करने एवं तम्बाकू तथा शराब त्यागने की सलाह दी।

डॉ. नाहटा बताते है कि आज के युग में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी वजह से तनावग्रस्त रहता है जो कि हृदय रोग के मुख्य कारणों में से एक कारण बनता है अतः आम जन को तनाव मुक्त व खुश रहना चाहिए। वर्ड हार्ट फेडरेशन ने अपने अनुमान के हिसाब से वर्ष 2025 तक भारत में मृत्यु का मुख्य कारण हृदय रोग बताया है।

डॉ. नाहटा ने बताया कि हृदय रोग के कारक जिसमे उक्त रक्तचाप, डायबिटीज, शारीरिक श्रम में कमी, तनावग्रस्त जीवन, शराब व सिगरेट का सेवन है। डॉ. नाहटा के अनुसार आम जन इन कारकों को अपने जीवन से मुक्त रखें तथा प्रतिदिन फिटनेस हेतु मोर्निंग वॉक, योग प्राणायाम, एवं वजन पर कंट्रोल रखकर काफी हद तक भारत में हृदय रोगीयों को कम किया जा सकता है।

जागरूकता कार्यक्रम के तहत डॉ. देवेन्द्र अग्रवाल ने उपस्थित हृदय रोगीयों एवं उनके परिजनों को राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में चलाई जाने वाले योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवायी तथा हल्दीराम हार्ट हॉस्पिटल में उपलब्ध कार्डिक सुविधाओं के बारे में बताया।

डॉक्टर दिनेश चौधरी ने तम्बाकु सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में बताया साथ ही हार्ट से जुड़े रोग की आशंका पर तुरंत अस्पताल पहूंचने की सलाह दी। इस दौरान डॉ. सुनील बुड़ानिया एवं डॉ. रतनलाल रांका ने भी अपने विचार व्यक्त किये। जागरूकता कार्यक्रम की समन्वयक एवं डायटीशियन मीनाक्षी जाखड़ ने अपने आहार में मिलेट्स को शामिल करने व पौष्टिक आहार के सेवन की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों एवं श्रोताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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