युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण का 15 वां पदाभिषेक दिवस समारोह “पट्टोत्सव” का भव्य आयोजन

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गंगाशहर ,18 मई। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा गंगाशहर द्वारा मुनिश्री श्रेयांश कुमार जी, साध्वी श्री चरितार्थ प्रभा जी व साध्वी श्री प्रांजल प्रभा जी के संयुक्त सान्निध्य में आचार्य श्री महाश्रमण पट्टोत्सव का आयोजन किया गया।

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समारोह को संबोधित करते हुए मुनि श्री श्रेयांश कुमार जी ने कहा कि आचार्य श्री महाश्रमण में विनम्रता व विनय भक्ति का विशिष्ट गुण है। वे रत्नाधिक साधुओं के प्रति बहुत सम्मान करते हैं। मुनिश्री ने आचार्य प्रवर की अभिवंदना में सुमधुर गीतिका का संगान किया।

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साध्वी श्री चरितार्थ प्रभा जी ने आज के दिन को विलक्षण बताते हुए कहा कि चतुर्थ आचार्य जयाचार्य जी ने पट्टोत्सव मनाने की पम्परा को प्रारंभ किया। गंगाशहर की पुण्य धरा पर आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी ने महाश्रमण जी को युवाचार्य पद पर मनोनीत किया तथा सरदारशहर में आज ही के दिन वि.सं. 2067 में आपका आचार्य पद पर पदाभिषेक हुआ। आप निरंतर युग को दृष्टि प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुरुदेव में इतनी शक्तियां निहित है कि 14 वर्ष के अल्पकाल में ही आपने अनेकानेक कार्य कर सफलता पाई है। भारतवर्ष के भ्रमण के साथ-साथ नेपाल व भूटान की यात्रा संपन्न कर जनमानस को आध्यात्मिक खुराक दी है। आप विशिष्ट सूझबूझ व चिंतन पूर्वक कार्य करते हैं।

श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा गंगाशहर द्वारा मुनिश्री श्रेयांश कुमार जी, साध्वी श्री चरितार्थ प्रभा जी व साध्वी श्री प्रांजल प्रभा जी के संयुक्त सान्निध्य में आचार्य श्री महाश्रमण पट्टोत्सव का आयोजन किया गया।

साथ्वी श्री प्रांजल प्रभा जी ने युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के निर्णय शक्ति की अभिवंदना करते हुए कहा कि आचार्य श्री के निर्णय लेने की क्षमता बेजोड़ है। उनका निर्णय ही कार्य की सफलता का आधार है। उन्होंने आचार्य श्री महाश्रमण जी के संयम पथ पर चलने, संघ भक्ति, गुरु भक्ति, प्रशासनिक कौशलों आदि निर्णयों के उदाहरण दिए। उन्होंने आचार्य प्रवर की व्रत निष्ठा, संयम निष्ठा, नवाचार, अभय की साधना, नारी सम्मान, अहंकार-ममकार के त्याग आदि गुणों की विस्तृत व्याख्या की।

साध्वीवृन्द ने सामूहिक गीतिका के माध्यम से अपनी अभिवंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञानशाला के ज्ञानार्थी जयेश छाजेड़ द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण से हुआ। कन्या मंडल ने गीतिका का संगान किया। तेरापंथी सभा के अध्यक्ष अमरचंद सोनी, महिला मंडल अध्यक्षा संजू लालाणी, तेरापंथ युवक परिषद् अध्यक्ष अरुण नाहटा ने अपने उद्गार व्यक्त किये। कार्यक्रम में मुनिश्री विमल विहारी जी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन तेरापंथी सभा के मंत्री रतनलाल छलाणी ने किया।

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