नीतीश सरकार फ्लोर टेस्ट में पास, विपक्ष का वॉकआउट

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  • सत्ता पक्ष की मांग पर वोटिंग
  • सीएम बोले-विधायकों को खरीदने की कोशिश हुई

पटना , 12 फ़रवरी। बिहार विधानसभा में सोमवार को नीतीश सरकार ने फ्लोर टेस्ट पास कर लिया। वोटिंग से पहले ही विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया था। सत्ता पक्ष की मांग पर वोटिंग करवाई गई। इसमें समर्थन में 129 वोट पड़े। विपक्ष में एक भी वोट नहीं पड़ा।

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इससे पहले विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में मुख्यमंत्री जैसे ही बोलने के खड़े हुए तो RJD विधायक हंगामा करने लगे। नीतीश कुमार ने गुस्से में कहा कि लोग मुझे सुनना नहीं चाहते तो वोटिंग करवाइए।

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सदन में पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि मोदी जी की गारंटी वाले बताएंगे क्या कि मुख्यमंत्री फिर पलटेंगे या नहीं?

तेजस्वी ने कहा, “मैं खुश हूं कि कर्पूरी ठाकुरजी को भारत रत्न दिया गया। भाजपा ने भारत रत्न को डील बना दिया है। आप हमारे साथ आइए और हम आपको भारत रत्न देंगे।” तेजस्वी ने फ्लोर टेस्ट से पहले ही कह दिया-आज बोलने दीजिए, कल से हम जनता के बीच रहेंगे।

स्पीच के दौरान तेजस्वी जिंदाबाद के नारे लगे। विधानसभा के बाहर हंगामा कर रहे आरजेडी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया गया।

इससे पहले अविश्वास प्रस्ताव पास कर स्पीकर अवध बिहारी चौधरी को हटा दिया गया। स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 125 और विपक्ष में 112 वोट पड़े।

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का मिशन ‘खेला होबे’ की हवा निकलते दिख रही है। रविवार तक की राजनीतिक स्थितियों को देखे तो जिस मैजिक नंबर के सहारे तेजस्वी यादव खेला करना चाहते थे, उसके करीब भी नहीं पहुंच पाए। उनका खेला बेअसर भी नहीं हुआ। तेजस्वी यादव ने मनोवैज्ञानिक दबाव बना कर एनडीए रणनीतिकारों की भी धड़कन तो जबरदस्त तेज कर ही दी।

खाली हाथ नहीं रहे तेजस्वी !

ऐसा नहीं कि तेजस्वी यादव के खेला का असर नहीं दिखा। भले वो तख्ता पलट के मैजिक नंबर से फिलहाल दूर नजर आ रहे, लेकिन नीतीश कुमार के साथ साथ भाजपा शीर्ष नेतृत्व के बनाए चक्रव्यूह को भेद अपनी राजनीतिक कद को बढ़ा तो लिया ही है। जेडीयू को ही लें तो तेजस्वी की रणनीति के आगे नीतीश कुमार का दंभ भी जाता रहा। ये चाहे श्रवण कुमार का भोज हो या विजय चौधरी के यहां हुई विधायकों की बैठक। इन दोनों स्थानों पर विधायकों ने नीतीश कुमार के दंभ को तोड़ डाला। पहले नीतीश कुमार विधायकों के आने के बाद आते थे। मगर इस बार नीतीश कुमार को आपने विधायकों के आने की राह देखनी पड़ी। फिर भी अंततः 3 विधायकों ने बैठक से खुद को अलग रखा और अपने फोन को भी बंद रखा। इनमे बीमा भारती, सुदर्शन कुमार और दिलीप राय शामिल हैं।

बीजेपी के आंतरिक अनुशासन की भी कलई खोल दी

उधर भाजपा के आंतरिक अनुशासन की भी कलई तेजस्वी यादव ने खोल दी। प्रशिक्षण के बहाने ही सही पर भाजपा ने भी अपने विधायकों की बाड़ेबंदी की। बावजूद तेजस्वी यादव के खेला का प्रभाव दिखा। इस प्रशिक्षण से भी तीन विधायकों ने खुद को अलग रखा और अपने नेतृत्व से दूरी बनाए रखी। इनमे रश्मि वर्मा, मिश्री लाल यादव और विनय बिहारी शामिल है।

डिप्टी सीएम बोले- मेरे 5 विधायक गायब रहे, सबका हिसाब लूंगा

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि मेरे जो 5 विधायक गायब रहे सबका हिसाब लूंगा। आप मुझे लोकतंत्र सिखाएंगे। लोकतंत्र को आप लूट रहे हैं। सबका इलाज करेंगे। सीबीआई 1996 में आई थी। राज्य में सरकार आपकी थी। केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब आप जेल गए हैं। आप भ्रष्टाचारी हैं, ये आपकी पार्टी कह रही है।

सम्राट चौधरी बोले-आप खेला कर रहे थे, हमने आपको खिलौना दे दिया

सम्राट चौधरी ने कहा कि पूरी भारतीय जनता पार्टी मजबूती के साथ समर्थन करती है। आप लोग तो खेला कर रहे थे, हम लोगों ने आपको खिलौना दे दिया। 1996 से एनडीए का गठबंधन हुआ है। 1995 में नीतीश कुमार को सीएम बनाने के लिए समता पार्टी का गठन किया। लालू यादव की सरकार ने मुझ पर लाठियां बरसाई गई, जेल में डाला गया। बाद में लालू यादव को माफ़ी मांगनी पड़ी। 15 साल लालूजी सत्ता में रहे तो चारा खा गए। जब रेल मंत्री रहे तो नौकरी खा गए। किसी गलतफहमी में मत रहिएगा।

कांग्रेस विधायक शकील अहमद बोले- आप जीत कर भी हार गए

कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खां ने कहा कि ऐसा भी मौका आता है, जब जीत में भी हार दिखती है। आप जीत तो गए हैं, लेकिन आपकी निगाहें शर्म से झुकी हैं। ये सरकार विरोधाभास से भरी हुई है। बीजेपी के इतिहास के बारे में तो नीतीश कुमार ने कई बार कहा है कि ये देश बदल देंगे। लेकिन आप हमेशा बदलते रहे हैं, इसके लिए आपको इतिहास आपको याद रखेगा।

 

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