प्राइवेट हॉस्पिटल ने महिला को एम्स रेफर किया परन्तु एम्स डॉक्टर्स ने कहा दो घण्टे पहले ही मौत हो गयी थी

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पत्नी की मौत पर प्राइवेट हॉस्पिटल के बाहर हंगामा:पति का आरोप- मौत के 2 घंटे बाद एम्स रेफर किया; ग्रामीण धरने पर बैठे, कार्रवाई की मांग

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जोधपुर , 31 मार्च। ऑपरेशन के दौरान महिला की तबीयत बिगड़ी तो प्राइवेट हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उसे एम्स रेफर कर दिया। पति अपनी पत्नी को 20 मिनट में एम्स लेकर पहुंचा तो डॉक्टरों ने बताया- इनकी मौत तो 2 घंटे पहले ही हो गई है। पति का आरोप है कि डॉक्टर 2 घंटे तक उसकी मृत पत्नी को इलाज के नाम पर ऑपरेशन थिएटर में रखे रहे। इसके बाद पति ने सुबह गांव से परिजनों को बुला लिया और प्राइवेट हॉस्पिटल के आरोपी डॉक्टरों पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गया। उसके परिजन और ग्रामीण सुबह 11 बजे से हॉस्पिटल के बाहर हैं, और पुलिस भी मौजूद है। मामला जोधपुर के बनाड़ थाना इलाके का है।

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डॉक्टर बोले- तबीयत बिगड़ रही है एम्स ले जाओ

पिपाड़ शहर के बुचकला निवासी महेंद्र देवासी ने बताया- शनिवार सुबह 11 बजे वह अपनी पत्नी भगवती देवासी (25) को बनाड़ स्थित खांगटा हॉस्पिटल लेकर आया था। एक महीने पहले भगवती का इसी हॉस्पिटल में बच्चादानी का ऑपरेशन किया गया था। लेकिन, उसमें कोई परेशानी आ जाने से भगवती को शनिवार को वापस बुलाया गया था।

महेंद्र ने आरोप लगाया कि भगवती का का खंगटा हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने 5 बजे ऑपरेशन शुरू कर दिया। महेंद्र ने बताया- पत्नी ने खाना खाया हुआ था उसके बावजूद डॉक्टर उसे ऑपरेशन थिएटर में ले गए। 2 घंटे बाद शाम को करीब 7 बजे डॉक्टरों ने अचानक उसकी पत्नी को एम्स हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने कहा- तबीयत बिगड़ गई है इन्हें एम्स ले जाए।

एम्स में बताया- 2 घंटे पहले ही हो चुकी मौत

महेंद्र ने कहा- खंगटा हॉस्पिटल से एम्स की दूरी करीब 9 किमी है। 20 मिनट में वहां पहुंचने के बाद जैसे ही डॉक्टर ने उसे चेक किया तब कहा- इनकी मौत तो 2 घंटे पहले ही हुई है। इसके बाद भगवती को शव को एम्स की मॉर्च्युरी में रखवाया। रविवार सुबह परिजन व ग्रामीणज पीपाड़ से जोधपुर पहुंचे। यहां खंगटा हॉस्पिटल के बाहर बैठ गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों की मांग है कि आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मौके पर बनाड़ थाने की पुलिस समझाइश में जुटी है।

दो घंटे तक ओटी में रखा फिर रेफर

महेंद्र ने बताया कि शनिवार शाम को 5 बजे उनकी पत्नी भगवती को डॉ. स्वाति कुल्हार ने ओटी में लिया था। वहां 20 मिनट बाद ही हलचल तेज हो गई। उसने हॉस्पिटल के स्टॉफ से पूछने की कोशिश की लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद महेंद्र ने ओटी में घुसने की कोशिश की तो उसे ओटी में बुलाया गया जहां डॉक्टर मनीष खांगटा व डॉ. स्वाति कुल्हार उसकी पत्नी के पैर व हाथ पर को रगड़ रहे थे। ओटी में लगे मीटर में भगवती की पल्स भी काफी कम आ रही थी। इसके बाद करीब आधे घंटे तक डॉक्टरों ने उसे ओटी में ही रखा। इसके बाद हॉस्पिटल से कोई जवाब नहीं आने पर महेंद्र ने जोधपुर में रहने वाले अपने कुछ परिजनों को वहां बुला दिया। इसके बाद डॉक्टरों से पत्नी की हालत को जानना चाहा। करीब 7 बजे उसकी पत्नी को खंगटा हॉस्पिटल से एम्बुलेंस में रेफर कर दिया गया।

डॉक्टर भी साथ चले एम्स

महेंद्र ने बताया कि खांगटा हॉस्पिटल से उसकी पत्नी को एम्स में लाया गया था। वहां उसके साथ खांगटा हॉस्पिटल के डॉ. मनीष खंगटा उसके साथ एम्बुलेंस में चले थे। एम्स इमरजेंसी में पहुंते ही वहां के डॉक्टरों ने उनकी पत्नी भगवती को मृत बता दिया था।

 

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